आसनसोल, 08 जुलाई।
पश्चिम बंगाल के आसनसोल में चल रही राजनीतिक और प्रशासनिक खींचतान के बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए आसनसोल नगर निगम बोर्ड को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। शहरी विकास विभाग द्वारा जारी आदेश में निगम अधिनियम की धाराओं का हवाला देते हुए इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत, राज्य सरकार ने आईएएस अधिकारी और एडीडीए की मुख्य कार्यपालक अधिकारी अदिति चौधरी को निगम का नया प्रशासक नियुक्त किया है। अब नई बोर्ड के गठन तक निगम के सभी प्रशासनिक कामकाज का दायित्व उन्हीं के कंधों पर होगा।
निगम बोर्ड के भंग होने के पीछे पिछले दो महीनों का वह प्रशासनिक गतिरोध मुख्य कारण बताया जा रहा है, जिसमें बैठकों का न होना और नागरिक सेवाओं में अनियमितता जैसे गंभीर मुद्दे शामिल थे। राज्य सरकार ने पहले निगम को कारण बताओ नोटिस भेजा था, जिसका मेयर बिधान उपाध्याय ने छह पृष्ठों का जवाब भी दिया था। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार उस जवाब से पूरी तरह असंतुष्ट रही, जिसके चलते यह कड़ा निर्णय लेना पड़ा।
नगर निगम के भीतर आंतरिक कलह भी चरम पर थी, जिसके चलते हाल ही में कई पार्षदों और बोरो चेयरमैन ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। इसके साथ ही पार्षदों के भत्तों और पेट्रोल की सुविधाओं में कटौती ने भी स्थिति को और अधिक विकट बना दिया था। मेयर बिधान उपाध्याय ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया था कि नागरिक सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। इस बड़े फेरबदल के बाद अब सभी की नजरें प्रशासक अदिति चौधरी के नेतृत्व पर टिकी हैं कि वे कितनी जल्दी नगर निगम की व्यवस्था को पटरी पर लाती हैं।














