देहरादून, 08 जुलाई।
उत्तराखंड के पहाड़ी अंचलों में भोजन नली के कैंसर के बढ़ते मरीजों की संख्या ने चिकित्सा विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। इस गंभीर समस्या के मूल कारणों को समझने के लिए देहरादून स्थित श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने एक व्यापक वैज्ञानिक शोध शुरू करने का निर्णय लिया है। इस शोध के जरिए खान-पान की आदतों, पर्यावरणीय प्रभाव और स्थानीय जीवनशैली का गहन अध्ययन किया जाएगा ताकि बीमारी की रोकथाम और समय पर पहचान सुनिश्चित हो सके।
अस्पताल के कैंसर विभाग का मानना है कि पर्वतीय जिलों से आने वाले मरीजों में तंबाकू, धूम्रपान, मद्यपान के साथ-साथ अत्यधिक गर्म चाय और पेय पदार्थों का सेवन कैंसर का बड़ा कारण हो सकता है। इसके अतिरिक्त, आहार में पोषक तत्वों की कमी, मोटापा, एसिड रिफ्लक्स और घर के भीतर धुएं का संपर्क जैसे कारकों की भूमिका को भी प्रमाण-आधारित तरीके से परखा जाएगा। कैंसर सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. पंकज कुमार गर्ग के अनुसार, अस्पताल अब तक कई मरीजों का कीमोथेरेपी और आधुनिक सर्जरी के जरिए सफल उपचार कर चुका है, जिनमें से कई लोग पांच वर्षों से अधिक समय से स्वस्थ जीवन जी रहे हैं।
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में अत्याधुनिक जांच सुविधाएं जैसे अपर जीआई एंडोस्कोपी, सीटी स्कैन और बायोप्सी उपलब्ध हैं, जो बीमारी के सटीक आकलन में मदद करती हैं। यहां कीमोथेरेपी और दूरबीन विधि से की जाने वाली सर्जरी के साथ-साथ दर्द नियंत्रण और फिजियोथेरेपी की सुविधा भी है। जटिल मामलों में विशेषज्ञों की एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम मिलकर मरीज की उपचार योजना तैयार करती है, ताकि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिल सके।













