हरिद्वार, 08 जुलाई।
पहाड़ों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहने से नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने लगा है, जिससे प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। हालांकि, हरिद्वार में पवित्र गंगा का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से सुरक्षित नीचे बना हुआ है, फिर भी मानसून की अनिश्चितता को देखते हुए सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन ने अपनी निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत कर दिया है।
हरिद्वार उत्तरी गंगनहर के एसडीओ भारत भूषण ने बताया कि खतरे का निशान 294 मीटर और चेतावनी स्तर 293 मीटर तय किया गया है। बुधवार दोपहर तक गंगा का जलस्तर 291.30 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो वर्तमान में सामान्य स्थिति के भीतर है। फिलहाल किसी भी प्रकार के खतरे की स्थिति नहीं है, लेकिन अधिकारी हर पल की गतिविधियों पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।
इस संबंध में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि मानसून के दौरान निचले इलाकों में जलभराव या बाढ़ जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। सिंचाई विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर संवेदनशील क्षेत्रों की निरंतर समीक्षा की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि आपातकालीन स्थिति में फौरन बचाव एवं राहत कार्यों को गति दी जा सके।













