नई दिल्ली, 08 जुलाई।
भाजपा ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश अपनी सांस्कृतिक कूटनीति को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। यह प्रयास केवल शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि साझा सभ्यतागत विरासतों के संरक्षण के ठोस कार्यों में दिखाई दे रहा है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि भारत श्रीलंका, बहरीन, कंबोडिया, लाओस, वियतनाम, नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार जैसे देशों में ऐतिहासिक धरोहरों के जीर्णोद्धार में सक्रिय भागीदारी निभा रहा है। अब इस कड़ी में इंडोनेशिया का प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर भी शामिल हो गया है।
इन पहलों को भारत की 'सॉफ्ट पावर' के रूप में देखा जा रहा है। इससे क्षेत्रीय देशों के साथ मित्रता के संबंध गहरे हो रहे हैं और लोगों के बीच आपसी जुड़ाव को नई मजबूती मिल रही है। भारत इन कार्यों से सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों को पुनर्जीवित कर रहा है।
भारत और इंडोनेशिया ने हाल ही में प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण के लिए एक 'आशय पत्र' पर हस्ताक्षर किए हैं। 10वीं शताब्दी में निर्मित यह मंदिर हिंदू धर्म के त्रिदेवों को समर्पित है। इसका निर्माण संजया राजवंश के राजा राकाई पिकाटन द्वारा प्राचीन मतार साम्राज्य के दौरान करवाया गया था।
भारत के इस सहयोग से न केवल वैश्विक स्तर पर प्राचीन स्मारकों का संरक्षण हो रहा है, बल्कि भारत का सांस्कृतिक प्रभाव भी निरंतर बढ़ रहा है। यह पहल देश के आत्मविश्वास को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करती है।














