नई दिल्ली, 08 जुलाई।
देश भर में चर्चा का विषय बने नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दो प्रमुख आरोपियों, पीवी कुलकर्णी और शिवराज मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत को 11 जुलाई तक विस्तारित कर दिया है। हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद आज इन दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया था, जहां न्यायाधीश ने सुनवाई के उपरांत हिरासत बढ़ाने का आदेश पारित किया।
इस बहुचर्चित मामले की नींव 12 मई को दर्ज हुई एक एफआईआर से पड़ी थी, जिसके बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार निरोधक कानूनों और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत जांच का जिम्मा संभाला। दरअसल, तीन मई को आयोजित नीट परीक्षा में प्रश्न पत्र बाहर आने के गंभीर आरोपों के बाद परीक्षा को रद्द करना पड़ा था और 21 जून को पुनः परीक्षा कराई गई। केंद्र सरकार द्वारा जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद से अब तक इस पूरे घोटाला प्रकरण में कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांच में यह बात सामने आई है कि मनीषा वाघमारे ने धनंजय लोखंडे को प्रश्न पत्र मुहैया कराए थे, जिसके बाद यह श्रृंखला शुभम खैरवार तक पहुंची। कोर्ट ने इससे पहले भी इस मामले में संलिप्त शुभम खैरनार, मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल और यश यादव जैसे आरोपियों को सीबीआई हिरासत में भेजने का निर्देश दिया था। 13 मई को मुंबई से पकड़े गए शुभम खैरनार को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया था। फिलहाल, सीबीआई इस पूरे रैकेट की कड़ियों को आपस में जोड़कर जांच को निर्णायक मोड़ पर ले जाने में जुटी है।














