वाराणसी, 08 जुलाई।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपने वाराणसी दौरे के दूसरे दिन शिक्षा जगत को एक बड़ी सौगात दी है। बड़ा लालपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने बेसिक और माध्यमिक विभाग के शिक्षकों व शिक्षामित्रों के लिए बहुप्रतीक्षित कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का विधिवत शुभारंभ किया। इसके अलावा, उन्होंने डीबीटी के जरिए प्रदेश भर के करीब 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में सीधे धनराशि भेजी है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 12 उत्कृष्ट विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया। शिक्षकों और संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कैशलेस चिकित्सा योजना पर सरकार सालाना 450 करोड़ रुपये खर्च करेगी। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे पूरी निष्ठा के साथ बच्चों के शैक्षिक विकास और स्कूलों में स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित करें।
कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के शिक्षकों की प्रतिभा का गौरवपूर्ण उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के शिक्षक कार्यरत हैं, जो यहां की शिक्षा व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। शिक्षा को समाज की नींव बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके बिना सर्वांगीण प्रगति संभव नहीं है। इस आयोजन में मंत्री अनिल राजभर, संदीप सिंह और गुलाब देवी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।














