मॉस्को, 8 जुलाई।
अमेरिकी सैन्य हमलों के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए झुकने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेरी गालीबाफ़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि डराने-धमकाने और ब्लैकमेल करने की नीति अब काम नहीं आने वाली। उन्होंने देश का संकल्प दोहराते हुए कहा कि ईरान किसी भी सूरत में हार नहीं मानेगा।
अमेरिकी सेना ने बीती रात ईरान के विभिन्न ठिकानों पर जोरदार बमबारी की थी। अमेरिका का दावा है कि यह सैन्य कार्रवाई होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर ईरान द्वारा किए गए हमलों के जवाब में की गई है।
इस सैन्य आक्रामकता पर प्रतिक्रिया देते हुए गालीबाफ़ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि धौंस जमाने का दौर बीत चुका है। उन्होंने अमेरिका पर 18 जून को हुए समझौते के गंभीर उल्लंघन का आरोप लगाया। इसमें तेल प्रतिबंधों को फिर से लागू करना, दक्षिणी ईरान पर सैन्य हमले और लेबनान के खिलाफ आक्रामकता शामिल है।
ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों के लिए तय व्यवस्था को तोड़ने का आरोप भी अमेरिका पर मढ़ा है। इन तमाम घटनाक्रमों के बाद अब क्षेत्रीय तनाव और अधिक गहरा गया है।














