पलामू, 08 जुलाई।
सिक्का गांव के एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रिम्स में इलाज के दौरान परिवार की मुखिया लाखो देवी का निधन हो गया है। इसके साथ ही इस परिवार में ड्रॉप्सी बीमारी के कारण मरने वालों का आंकड़ा छह तक पहुंच गया है।
परिवार का एक अन्य सदस्य सुनील कुमार मेहता अभी भी रिम्स में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की शुरुआती जांच में इस त्रासदी के पीछे दूषित सरसों तेल को मुख्य कारण माना जा रहा है। फूड टेस्टिंग लैब की रिपोर्ट में इस तेल में आर्जीमोन के बीज मिलने की पुष्टि हुई है।
इस भयावह घटनाक्रम की शुरुआत 19 जून को कुलदीप मेहता के निधन से हुई थी। इसके बाद 20 जून को बेटी बबिता, 26 जून को इंदु कुमारी, 28 जून को बहू श्वेता और फिर बेटे नकुल मेहता ने दम तोड़ दिया। परिवार के केवल दो सदस्य ही इस प्रकोप से सुरक्षित बच पाए हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक, मरीजों के शरीर में सूजन आना ड्रॉप्सी का स्पष्ट संकेत था। विभाग ने पूरा स्वास्थ्य सर्वे कराने के बावजूद गांव के अन्य लोगों को सुरक्षित पाया है, लेकिन एहतियात के तौर पर अब फिर से घर-घर जांच की जाएगी।
यह साल 2011 के बाद से देश में ड्रॉप्सी का सबसे भीषण मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर पलामू में उगने वाले पीले धतूरे के बीज सरसों के साथ मिल जाने की आशंका जताई गई है। फिलहाल प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और विसरा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।














