गोरखपुर, 08 जुलाई।
गोरखपुर के अत्यंत प्रतिष्ठित उद्यमी और समाजसेवी ओमप्रकाश जालान का बुधवार की सुबह दुखद निधन हो गया है। 72 वर्षीय जालान पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे, जिसके चलते उन्हें इलाज के लिए एयर एंबुलेंस द्वारा गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ले जाया गया था। उपचार के दौरान उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे शहर के औद्योगिक और व्यापारिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
ओमप्रकाश जालान के परिवार में उनकी पत्नी पूनम जालान तथा दो पुत्र अनुज और तनुज जालान हैं। मिली जानकारी के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर बुधवार शाम तक गोरखपुर पहुंच जाएगा। गुरुवार सुबह 9 बजे जंगल नकहा नंबर-2 स्थित उनके निजी आवास से उनकी अंतिम यात्रा निकलेगी और राप्ती नदी के तट स्थित राजघाट पर उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा।
वे गोरखपुर के औद्योगिक विकास के एक ऐसे स्तंभ थे, जिन्होंने 'जालान कॉनकास्ट' के रूप में शहर की पहली सरिया निर्माण इकाई की स्थापना की थी। रियल एस्टेट और उद्योग के क्षेत्र में अपनी दूरदर्शिता के लिए पहचाने जाने वाले जालान अपने सरल और व्यवहारकुशल व्यक्तित्व के कारण सभी के चहेते थे। उनका परिवार दशकों से औद्योगिक क्षेत्र में सक्रिय है और उनके भाई अशोक जालान भी गीडा में स्टील फैक्ट्री के जरिए व्यापार का विस्तार कर रहे हैं। उनके निधन को शहर के औद्योगिक विकास के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।














