नई दिल्ली, 15 जुलाई।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत जल्द ही देश की प्रबुद्ध मातृशक्ति से सीधे रूबरू होंगे। 'विश्वमांगल्य सभा' के तत्वावधान में 24 जुलाई को दिल्ली स्थित अंतरराष्ट्रीय आंबेडकर सेंटर में 'मातृत्व विमर्श' पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
इस संवाद कार्यक्रम में देशभर की विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी करीब 700 से 800 महिला प्रतिनिधि शामिल होंगी। संगठन की राष्ट्रीय मंत्री डॉ. वृषाली जोशी ने बताया कि यह आयोजन संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में ऐतिहासिक है, जहां भागवत परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर अपने विचार रखेंगे।
कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण खुला प्रश्नोत्तर सत्र होगा, जिसमें उपस्थित महिलाएं सरसंघचालक से सीधे सवाल पूछ सकेंगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बदलते दौर में मातृत्व की प्रासंगिकता, संस्कारों का निर्माण और समाज में महिलाओं के योगदान को नई दिशा देना है।
इसी तरह का एक भव्य संवाद कार्यक्रम हैदराबाद में भी प्रस्तावित है, जिसमें 1,300 प्रतिनिधियों के जुड़ने की उम्मीद है। वर्तमान में विश्वमांगल्य सभा देश के 33 प्रांतों में सक्रिय है और करीब 6 लाख महिलाएं इससे जुड़ी हुई हैं।
हाल ही में 23 राज्यों में हुए महिला अधिवेशनों में 35 हजार महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखी गई थी। अब इन संवादों के आधार पर संगठन आने वाले वर्षों के लिए 'युगानुकूल मातृत्व' विषय पर आधारित नई कार्ययोजनाओं को धरातल पर उतारने की तैयारी कर रहा है।
















