खड़गपुर, 15 जुलाई।
पूर्वोत्तर भारत में प्रौद्योगिकी और नवाचार को नई गति देने के उद्देश्य से आईआईटी खड़गपुर, त्रिपुरा सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और सेनरिसा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के बीच त्रिपुरा में उत्कृष्टता एवं नवाचार केंद्र की स्थापना के लिए त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
आईआईटी खड़गपुर की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह समझौता ‘डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव-2026’ के दौरान हुआ। इसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डीप टेक्नोलॉजी, अनुसंधान, कौशल विकास, स्टार्टअप संवर्धन और उद्योग आधारित नवाचार को बढ़ावा देना है।
समझौता ज्ञापन पर आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती, सेनरिसा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी कुमार पी. साहा तथा त्रिपुरा सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी निदेशक जेया रागुल गेशन बी. ने हस्ताक्षर किए।
समझौता पत्र का आदान-प्रदान भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन, त्रिपुरा के मुख्य सचिव जितेंद्र कुमार सिन्हा तथा उद्योग एवं वाणिज्य एवं सूचना प्रौद्योगिकी सचिव किरण गिट्टे सहित अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में किया गया।
प्रस्तावित उत्कृष्टता एवं नवाचार केंद्र को अत्याधुनिक अनुसंधान, उत्तरदायी कृत्रिम बुद्धिमत्ता, तकनीकी सहयोग, उद्यमिता संवर्धन और उद्योग-शैक्षणिक समन्वय के प्रमुख मंच के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, नवप्रवर्तकों और उद्यमियों को संयुक्त अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास तथा क्षमता निर्माण के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
समझौते के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, डीप टेक्नोलॉजी और डिजिटल परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में अंतःविषय अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही तेजी से बदलते तकनीकी क्षेत्रों की जरूरतों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
यह केंद्र स्टार्टअप और नवोद्यमियों को इनक्यूबेशन सहायता, तकनीकी परामर्श, मार्गदर्शन और उद्योग से जुड़ने के अवसर भी उपलब्ध कराएगा। इसके माध्यम से त्रिपुरा और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में प्रौद्योगिकी आधारित उद्यमिता तथा नवाचार को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई है।
आईआईटी खड़गपुर ने इस पहल के लिए त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा के नेतृत्व तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया है।
















