नई दिल्ली, 15 जुलाई।
काशी में पर्यटकों की बढ़ती संख्या और यातायात के भारी दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा तोहफा दिया है। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने वाराणसी में 10,998 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर को हरी झंडी दे दी है।
यह 43 किलोमीटर से अधिक लंबा कॉरिडोर वाराणसी डीकंजेशन प्लान का मुख्य हिस्सा होगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस परियोजना के जरिए काशी के परिवहन ढांचे को पूरी तरह से नया स्वरूप मिलेगा, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को जाम से बड़ी मुक्ति मिलेगी।
परियोजना के तहत मुख्य एलिवेटेड मार्ग के साथ-साथ फ्लाईओवर, रैंप और सर्विस रोड का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए करीब 4,565 करोड़ रुपये निर्माण कार्य पर और 934 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण के लिए आवंटित किए गए हैं। यह गलियारा एनएच-31 से काशी रेलवे स्टेशन तक की दूरी को आधा कर देगा।
इस कॉरिडोर के बनने से यात्रा का समय 40 मिनट से घटकर महज 20 मिनट रह जाएगा। यह हवाई अड्डे, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और घाटों के बीच आवागमन को इतना सुगम बना देगा कि पर्यटकों का समय काफी बचेगा। साथ ही, चंदौली सहित आसपास के आर्थिक क्षेत्रों को भी इससे नई मजबूती मिलेगी।
सरकार का लक्ष्य इस परियोजना के जरिए पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान को धरातल पर उतारना है। यह आधुनिक परिवहन तंत्र व्यापार, निवेश और लॉजिस्टिक्स हब की कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाएगा, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी।
















