नई दिल्ली, 15 जुलाई।
दिल्ली पुलिस ने द्वारका क्षेत्र में हुए अखिलेश मंडल हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतक के मकान मालिक और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल हथौड़ा और खून से सने कपड़े भी बरामद किए हैं।
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपितों की पहचान 66 वर्षीय अनिल ठाकुर और 28 वर्षीय राजू कुमार के रूप में हुई है। दोनों ने बताया कि अखिलेश बार-बार कहने के बावजूद मकान खाली नहीं कर रहा था। इसके अलावा पत्नी की मौत के बाद वह राजू की पत्नी पर बुरी नजर रखता था। इसी बात को लेकर दोनों ने साजिश रचकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
द्वारका जिले के पुलिस उपायुक्त कुशलपाल सिंह ने बताया कि 12 जुलाई को द्वारका नॉर्थ थाना क्षेत्र में कारगिल चौक के पास नाले के किनारे एक युवक का शव मिला था। मृतक के पास पहचान से जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं मिला था, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
जांच के लिए स्पेशल स्टाफ, स्थानीय पुलिस और अन्य अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाई गई। करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद मृतक की पहचान नजफगढ़ निवासी अखिलेश मंडल के रूप में हुई। जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास अनिल और राजू की मौजूदगी भी सीसीटीवी फुटेज में सामने आई। इसके आधार पर दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
पूछताछ में अनिल ने बताया कि अखिलेश पिछले करीब तीन वर्षों से उसके मकान के भूतल पर किराये से रह रहा था। उसे शराब पीने की लत थी और दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। कई बार कहने के बाद भी वह मकान खाली नहीं कर रहा था। इतना ही नहीं, मकान बेचने के प्रयास के दौरान भी वह बाधा बन रहा था, जिससे नाराज होकर उसने हत्या की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार, अखिलेश की पत्नी की करीब तीन महीने पहले कैंसर से मौत हो गई थी। इसके बाद वह अपने रिश्तेदार राजू की पत्नी पर बुरी नजर रखने लगा था। इसी कारण राजू भी उससे बदला लेना चाहता था। पुलिस दोनों आरोपितों से पूछताछ कर मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
















