मुंबई, 15 जुलाई।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार जल्द ही किसानों के लगभग 48,000 करोड़ रुपये के बिजली बिल बकाया को माफ करने का निर्णय लेने जा रही है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से बड़ी संख्या में किसानों को राहत मिलेगी।
मुंबई के यशवंतराव चव्हाण सभागार में किसानों के लिए 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी के निर्णय के बाद आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार पहले ही साढ़े सात हॉर्सपावर तक के कृषि पंपों के बिजली बिल माफ कर चुकी है। हालांकि, पुराने बकाया के कारण कई किसानों को नए बिजली कनेक्शन लेने में परेशानी हो रही है। इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार किसानों का पूरा बकाया बिजली बिल एकमुश्त माफ करने का फैसला जल्द करेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना' की घोषणा की गई है, जिससे राज्य के 56 लाख किसानों को 36,585 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि जिन किसानों को ज्योतिराव फुले शेतकरी कर्जमुक्ति योजना के तहत 50 हजार रुपये का लाभ मिला था, उनके लिए नई योजना में 50 हजार रुपये की सीमा समाप्त कर दी गई है। अब ऐसे किसानों को भी 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी का लाभ मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों के लिए वर्ष 2026-27 में ऋण लेकर समय पर भुगतान करने की शर्त भी समाप्त कर दी गई है। राज्य सरकार सतत खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर निवेश कर रही है। फसल ऋण माफी के साथ सिंचाई परियोजनाओं, जल संरक्षण, कोल्ड स्टोरेज, वैल्यू एडिशन, प्रोसेसिंग उद्योग और बाजार से बेहतर संपर्क के लिए भी हजारों करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को किसानों के लिए 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी के निर्णय पर यशवंतराव चव्हाण सेंटर में तुलसीहार, प्रतिमा और बैलगाड़ी की प्रतिकृति भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे का भी सम्मान हुआ। कार्यक्रम में आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक वुइके, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण, प्रवीण दारकेकर, रणधीर सावरकर, संजय कुटे, अनिल बोंडे तथा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
















