भोपाल, 15 जुलाई।
राजधानी के चर्चित ऐशबाग दोहरे हत्याकांड का जोन-01 पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने खुलासा करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपितों ने मृतक दंपती की संपत्ति हड़पने की मंशा से पहले धोखाधड़ी कर मकान का दानपत्र अपने नाम कराया और बाद में योजनाबद्ध तरीके से दोनों की हत्या कर दी। मामले में पुलिस महानिदेशक ने आरोपितों की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
पुलिस के अनुसार, थाना ऐशबाग क्षेत्र के ओल्ड सुभाष नगर स्थित मकान क्रमांक बी-35/2 में रहने वाले हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला फिलेमोन के शव घर के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में मिले थे। घर से दुर्गंध आने पर दूसरी मंजिल पर रहने वाले किरायेदार ने डायल-112 और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने हेमंत फिलेमोन का शव पलंग पर और शकुंतला फिलेमोन का शव बैठक कक्ष के सोफे पर पाया। घटनास्थल से कारतूस के खोखे, बुलेट और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। जांच के दौरान 20 टीमों ने 1500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की। इसके साथ ही 100 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की गई तथा मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। विस्तृत जांच के बाद पुलिस ने कजलीखेड़ा निवासी 40 वर्षीय प्रॉपर्टी ब्रोकर श्रीकांत चिचलिया और उसके 35 वर्षीय भाई शशीकांत चिचलिया को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में दोनों आरोपितों ने जांच को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ के दौरान उन्होंने हत्या की साजिश रचने और वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली।
पुलिस के मुताबिक, दोनों भाइयों ने मृतक दंपती का मकान छलपूर्वक अपने नाम कराने के बाद संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
















