भोपाल, 15 जुलाई।
राजधानी भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। नए निर्देशों के अनुसार शहर में किरायेदार, पेइंग गेस्ट (पीजी), घरेलू नौकर-चाकर, छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं तथा होटल, लॉज, धर्मशाला, रिसोर्ट और गेस्ट हाउस में ठहरने वाले लोगों का रिकॉर्ड रखना और पुलिस सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।
आदेश में कहा गया है कि भोपाल वीआईपी आवागमन, महत्वपूर्ण संस्थानों, शैक्षणिक परिसरों, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापारिक गतिविधियों के कारण संवेदनशील शहर है। ऐसे में असामाजिक तत्व, आतंकवादी, कट्टरपंथी संगठन या अवैध प्रवासी सामान्य नागरिकों की आड़ में शहर में ठहर सकते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए शहर में अस्थायी रूप से रहने वाले लोगों की जानकारी पुलिस के पास उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है। आदेश के तहत मकान मालिकों को अपने किरायेदारों और पीजी में रहने वाले व्यक्तियों का विवरण पुलिस को उपलब्ध कराना होगा।
इसके साथ ही घरेलू नौकरों, कर्मचारियों, छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं तथा होटल, लॉज, धर्मशाला, रिसोर्ट और गेस्ट हाउस में ठहरने वाले यात्रियों का रिकॉर्ड भी निर्धारित प्रारूप के अनुसार संधारित करना अनिवार्य रहेगा।
पुलिस के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को मजबूत करना तथा किसी भी संभावित आपराधिक या आतंकवादी गतिविधि की समय रहते पहचान कर उसे रोकना है।
















