आगरमालवा, 15 जुलाई।
मध्य प्रदेश के आगरमालवा जिले में बुधवार को 'नशे से दूरी-है जरूरी 2.0' जनजागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। कोतवाली थाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर प्रीति यादव और पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी ने अभियान की शुरुआत की।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशे की लत से व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक और आर्थिक स्थिति कमजोर होती है, जिससे अपराधों में वृद्धि और सामाजिक ताने-बाने पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने की अपील की तथा नागरिकों से इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आग्रह किया।
कलेक्टर प्रीति यादव ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल प्रशासन और पुलिस के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता, परामर्श और पुनर्वास संबंधी प्रयासों की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर और एसपी ने जनजागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और पुलिस बल ने जागरूकता रैली निकाली। रैली में प्रतिभागियों ने हाथों में संदेश लिखी तख्तियां और बैनर लेकर लोगों को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया।
यह जनजागरूकता रथ 30 जुलाई 2026 तक जिले के सभी नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को नशे के दुष्प्रभाव, नशामुक्त जीवन के महत्व और अभियान के उद्देश्यों के प्रति जागरूक करेगा। अभियान के तहत जिलेभर में जनजागरूकता कार्यक्रम, रैलियां, व्याख्यान, प्रतियोगिताएं, सोशल मीडिया अभियान और सामुदायिक सहभागिता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रविंद्र कुमार बोयट, एसडीएम मिलिंद ढोके, एसडीओपी मोतीलाल कुशवाहा, तहसीलदार विजय सेनानी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी खुशाल सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी नितेश पांडे, नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी, पुलिस अधिकारी, पत्रकार तथा विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
















