जकार्ता, 15 जुलाई।
एशियाई अंडर-19 और अंडर-23 महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल पांच स्वर्ण, 10 रजत और चार कांस्य पदक अपने नाम किए। बुधवार को फाइनल मुकाबलों के साथ प्रतियोगिता का समापन हुआ। दोनों आयु वर्गों में भारतीय खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन ने आयु वर्ग की मुक्केबाजी में देश की बढ़ती मजबूती को फिर साबित किया।
अंडर-19 महिला वर्ग में भारत ने दो स्वर्ण और छह रजत पदक जीते। 51 किलोग्राम भार वर्ग में चंद्रिका भोरेश पुजारी ने उज्बेकिस्तान की नाजोकत मार्दोनोवा को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं प्राची ने फाइनल में इंडोनेशिया की दीरा आर्तिका को पराजित कर शीर्ष स्थान अपने नाम किया।
अंडर-19 वर्ग के अन्य भारतीय फाइनलिस्ट खिताबी मुकाबलों में जीत दर्ज नहीं कर सके और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
अंडर-23 महिला वर्ग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण, चार रजत और चार कांस्य पदक जीते। 54 किलोग्राम भार वर्ग में निशा ने जापान की कोइन कोकुफू को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
60 किलोग्राम वर्ग में निकिता चंद, 65 किलोग्राम वर्ग में काजल और 75 किलोग्राम वर्ग में मुस्कान अपने-अपने फाइनल मुकाबलों में उज्बेकिस्तान की मुक्केबाजों से हारकर रजत पदक विजेता रहीं।
अंडर-23 प्रतियोगिता में भारत के चार कांस्य पदक सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली खिलाड़ियों के खाते में आए। इस तरह भारतीय महिला टीम ने महाद्वीपीय प्रतियोगिता में पांच स्वर्ण, 10 रजत और चार कांस्य पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया।
















