विंध्याचल, 15 जुलाई।
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा के साथ ही बुधवार को गुप्त नवरात्र का पावन पर्व शुरू हो गया है। मां विंध्यवासिनी के दरबार में देश भर से आए साधकों और संतों का तांता लगना शुरू हो गया है, जो अगले नौ दिनों तक विशेष साधना में लीन रहेंगे।
गुप्त नवरात्र को तांत्रिक और आध्यात्मिक सिद्धि के लिए बेहद खास माना जाता है। आचार्य डॉ. रामलाल त्रिपाठी के अनुसार, इन नौ दिनों में मां की दस महाविद्याओं की आराधना करना शीघ्र फलदायी होता है। विंध्याचल में हवन, जप और पूजन का दौर शुरू हो गया है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। सुरक्षा प्रभारी उदय प्रताप ने बताया कि मंदिर परिसर की सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। भीड़ नियंत्रण और यातायात के लिए खास व्यवस्था की गई है।
मान्यता है कि इस दौरान मां विंध्यवासिनी की उपासना करने से भक्तों को विशेष कृपा प्राप्त होती है। विंध्य पंडा समाज ने भी श्रद्धालुओं के सुलभ दर्शन के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं, ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को कोई असुविधा न हो।
प्रशासन का अनुमान है कि इस बार गुप्त नवरात्र में लाखों की संख्या में श्रद्धालु माँ के दर्शन करने पहुँचेंगे। गंगा घाटों से लेकर मंदिर परिसर तक भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।
















