डरबन, 15 जुलाई।
दक्षिण अफ्रीका के डरबन में स्थित चैट्सवर्थ स्टेडियम भक्ति के सागर में डूब गया। चिन्मय मिशन की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में 17,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने एक साथ हनुमान चालीसा का 27 बार पाठ कर विश्व रिकॉर्ड सा बनाया।
पूरे स्टेडियम को केसरिया रंग और भक्तिमय भजनों से सजाया गया था। यह आयोजन न केवल धार्मिक अनुष्ठान बना, बल्कि एकता और सांस्कृतिक गौरव का एक अद्भुत संगम भी रहा। पाठ के बाद श्रद्धालुओं को पारंपरिक रोट प्रसाद वितरित किया गया, जिसे बनाने के लिए स्वयंसेवकों ने हफ़्तों तक मेहनत की थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अपने संदेश में कहा कि यह ऐतिहासिक उत्सव भारतीय संस्कृति के संरक्षण के प्रति चिन्मय मिशन की समर्पित सेवा का प्रमाण है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों द्वारा दोनों देशों के बीच सेतु के रूप में निभाई जा रही भूमिका की सराहना की।
इस अवसर पर भजन सम्राट अनूप जलोटा और अनुजा सहाय की सुरीली प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्ति से सराबोर कर दिया। स्वामी अभेदानंद सरस्वती ने अपने संबोधन में भक्तों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने जब "मैं एक गर्वित हिंदू हूँ" का उद्घोष किया, तो पूरा स्टेडियम उनके साथ गूंज उठा।
क्वाज़ुलु-नताल के प्रीमियर थामी न्तुली ने भी पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में शिरकत की। करीब 80 से अधिक बसों के जरिए पहुंचे हज़ारों भक्तों ने इसे जीवन का एक अविस्मरणीय अनुभव बताया। यह भव्य आयोजन सनातन धर्म की वैश्विक छाप को मजबूती देने वाला साबित हुआ।
















