नई दिल्ली, 15 जुलाई।
भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने के सपने को साकार करने के लिए मोदी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 'सेमीकॉन 2.0' योजना को मंजूरी दे दी है, जिसके लिए 1.27 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट निर्धारित किया गया है।
केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने बताया कि 'सेमीकॉन 1.0' की सफलता को आगे बढ़ाते हुए इस नई योजना का लक्ष्य देश में चिप निर्माण के पूरे इकोसिस्टम को मजबूती देना है। इस योजना में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए छह मुख्य स्तंभों को प्राथमिकता दी गई है।
इन स्तंभों के तहत चिप डिजाइनिंग, निर्माण में काम आने वाले रसायनों और गैसों का उत्पादन, नए फैब प्लांट्स की स्थापना और चिप पैकेजिंग उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही, आधुनिक अनुसंधान और कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर भी जोर होगा।
सरकार की इस पहल से भारत में चिप निर्माण के साथ-साथ तकनीकी आत्मनिर्भरता को नई गति मिलेगी। इससे न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि वैश्विक मानचित्र पर भारत की साख भी बढ़ेगी।
अब तक देश में 12 विनिर्माण इकाइयों को मंजूरी मिल चुकी है, जिनमें से तीन इकाइयों ने अपना वाणिज्यिक उत्पादन भी शुरू कर दिया है। स्टार्टअप्स और एमएसएमई के लिए भी नई राहें खुल रही हैं, जिन्हें उद्योग-मानक टूल्स और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
















