अटलांटा, 16 जुलाई।
फीफा विश्व कप के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना के हाथों मिली 2-1 की हार के बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने माना कि टीम एक बार फिर से पुराने ढर्रे पर चलते हुए निर्णायक पलों में लय खो बैठी, जो पिछले कई बड़े टूर्नामेंटों में उनकी कमजोरी रही है। इंग्लैंड ने 55वें मिनट में एंथनी गॉर्डन के गोल से बढ़त तो बनाई, मगर इसके बाद टीम रक्षात्मक हो गई, जिसका भरपूर फायदा उठाते हुए अर्जेंटीना ने अंत में बाजी मार ली।
मैच के बाद केन ने अपनी मायूसी जाहिर करते हुए कहा कि करीब 60 मिनट तक सब कुछ नियंत्रण में था, लेकिन बढ़त लेने के बाद टीम का रवैया बदल गया। उन्होंने कहा कि 1-0 की बढ़त के बाद भी मैच में काफी समय बाकी था, लेकिन वे अर्जेंटीना के आक्रमण को रोकने में नाकाम रहे। अपनी सेवानिवृत्ति के कयासों को खारिज करते हुए केन ने कहा कि भविष्य पर बात करना अभी जल्दबाजी होगी। उन्होंने अर्जेंटीना के मेसी का उदाहरण देते हुए कहा कि वह अपने करियर की कोई सीमा तय नहीं करना चाहते और आगे भी देश के लिए खेलते रहना उनके लिए गर्व की बात है।
इंग्लैंड के डिफेंडर डैन बर्न ने भी इस हार को बेहद कष्टकारी बताया है। उन्होंने स्वीकार किया कि बढ़त लेने के बाद उनकी टीम जरूरत से ज्यादा निष्क्रिय और रक्षात्मक हो गई थी। बर्न ने कहा कि इतनी मजबूत टीम को बार-बार मौके देना भारी पड़ा और हार का यह दर्द बहुत गहरा है।
अब इंग्लैंड के सामने चुनौती शनिवार को होने वाले तीसरे स्थान के मैच की है, जहां उनका मुकाबला फ्रांस से होगा। वहीं अर्जेंटीना अब रविवार को स्पेन के खिलाफ विश्व कप फाइनल में अपनी खिताबी जंग के लिए उतरेगा।













