नई दिल्ली, 16 जुलाई।
मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयां देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत टैक्स-2026 में भाग ले रहे हैं। इस आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर के निवेशकों और प्रमुख टेक्सटाइल दिग्गजों को मध्य प्रदेश की उद्योग-अनुकूल नीतियों और निवेश की व्यापक संभावनाओं से परिचित कराना है। वे यहाँ आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए राज्य के औद्योगिक परिदृश्य और टेक्सटाइल क्षेत्र की क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री भारत मंडपम में बने मध्य प्रदेश पवेलियन का अवलोकन करने के साथ-साथ टेक्सटाइल एवं गारमेंट सेक्टर के दिग्गज उद्योगपतियों के साथ राउंड टेबल चर्चा में भी शामिल होंगे। इस बैठक में राज्य के औद्योगिक इकोसिस्टम, निर्यात को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन और कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मंथन किया जा रहा है। कार्यक्रम में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह के साथ-साथ डिक्सन टेक्नोलॉजीस और ब्राजील के राजदूत जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
डॉ. यादव का कार्यक्रम बेहद सघन है, जिसमें वे कई प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें करेंगे। होटल द लीला में आयोजित 'मध्य प्रदेश में निवेश के अवसर' सत्र में वे राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और अन्य उभरते क्षेत्रों में मौजूद संभावनाओं को रेखांकित करेंगे। वे निवेशकों को बताएंगे कि कैसे प्रदेश 'फार्म टू फैशन' की अवधारणा को साकार कर रहा है और धार स्थित पीएम मित्र पार्क किस तरह विश्व भर के उद्यमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
अपनी दिल्ली यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री राज्य के औद्योगिक आधार को और मजबूत करने के लिए विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेंगे। इन एमओयू का मुख्य लक्ष्य निवेश संवर्धन, तकनीक का आदान-प्रदान और निर्यात में वृद्धि करना है। इन प्रयासों के माध्यम से प्रदेश सरकार टेक्सटाइल, गारमेंट और फुटवियर के क्षेत्र में नए निवेश आकर्षित कर मध्य प्रदेश को देश का प्रमुख औद्योगिक हब बनाने के अपने संकल्प को गति दे रही है।













