भोपाल, 16 जुलाई।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य में पर्यटन के नए द्वार खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। वे आज गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय फेथ कॉन्क्लेव 2026 में शिरकत करने पहुंचे हैं। "अतुल्य भारत: अमूल्य अर्थशास्त्र" विषय पर केंद्रित इस आयोजन में देशभर के नीति निर्माता और उद्योग जगत के दिग्गज एक मंच पर एकत्रित हुए हैं, ताकि देश की पर्यटन अर्थव्यवस्था को एक नई गति दी जा सके।
इस कॉन्क्लेव में पर्यटन के जरिए रोजगार के अवसर पैदा करने और क्षेत्रीय विकास को गति देने पर विशेष चर्चा होगी। फेडरेशन ऑफ एसोसिएशंस इन इंडियन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी (फेथ) द्वारा पेश किए जाने वाले 'टूरिज्म ग्रोथ चार्टर' में पर्यटन को बुनियादी ढांचे का दर्जा देने का प्रस्ताव प्रमुख है। साथ ही, मिशन मोड पर 50 पर्यटन स्थलों का कायाकल्प करने और वैश्विक स्तर पर 'ब्रांड इंडिया' के प्रचार-प्रसार पर भी इस दौरान मंथन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री की इस कॉन्क्लेव में सक्रिय भागीदारी मध्य प्रदेश में पर्यटन निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक अहम पड़ाव मानी जा रही है। कार्यक्रम में सरलीकृत वीजा प्रक्रिया, सिंगल-विंडो सिस्टम के जरिए निवेश में आसानी और निजी क्षेत्र की सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। डॉ. यादव की मौजूदगी से मध्य प्रदेश की पर्यटन क्षमता को राष्ट्रीय पटल पर नई पहचान मिलने की प्रबल उम्मीदें हैं, जो भविष्य में प्रदेश को एक प्रमुख टूरिज्म हब बनाने में सहायक सिद्ध होगा।












