नई दिल्ली, 16 जुलाई।
महाराष्ट्र के कोल्हापुर की प्रतिभाशाली निशानेबाज सोनम उत्तम मस्कर का एशियाई खेलों तक का सफर प्रेरणा और बलिदान की एक अनूठी दास्तां है। 23 वर्षीय सोनम आगामी सितंबर में जापान के आइची-नागोया में आयोजित होने वाले 20वें एशियाई खेलों में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनकी यह सफलता उनके पिता द्वारा किए गए बड़े त्याग और परिवार के कड़े संघर्ष का परिणाम है।
सोनम ने साझा किया कि कोविड-19 महामारी के दौरान उनका परिवार भारी आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उस वक्त उन्हें पेशेवर शूटिंग उपकरणों की सख्त जरूरत थी, जिसे खरीदना परिवार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था। पिता उत्तम मारुति मस्कर ने अपनी बेटी के सपनों को उड़ान देने के लिए बिना संकोच अपनी संपत्ति बेच दी। सोनम के अनुसार, यह उनके परिवार के लिए एक कठिन लेकिन जरूरी निर्णय था।
सोनम का शूटिंग तक का सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। वर्ष 2018 में कॉलेज की पढ़ाई के दौरान उन्होंने शौक के तौर पर इस खेल को चुना था, लेकिन धीरे-धीरे यह उनका जुनून बन गया। 2021 से उन्होंने कोल्हापुर शूटिंग रेंज में पेशेवर प्रशिक्षण शुरू किया। वर्ष 2024 में दिल्ली में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप फाइनल में रजत पदक जीतना उनके करियर का अब तक का सबसे गौरवपूर्ण क्षण रहा है।
वर्तमान में सोनम विदेशी कोच फार्निक थॉमस और भारतीय प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में एशियाई खेलों के लिए कड़ा अभ्यास कर रही हैं। उन्होंने अपनी इस यात्रा में सहयोग के लिए अपने परिवार के साथ-साथ ओजीक्यू, राष्ट्रीय राइफल संघ, भारतीय खेल प्राधिकरण और भारतीय रेलवे का भी आभार प्रकट किया है।













