सतना, 16 जुलाई।
जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुरुवार की भोर में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां एक एंबुलेंस अनियंत्रित होकर बरुआ नदी के पुराने पुल से नीचे गिर गई। यह एंबुलेंस एक गर्भवती महिला को लाने के लिए भटगवां गांव जा रही थी, तभी रास्ते में पुल के ऊपर ब्रेक फेल होने से यह वाहन रेलिंग विहीन पुल की बाधाओं को तोड़ते हुए नदी में जा समाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंच कर राहत कार्य शुरू किया। क्रेन की मदद से करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दुर्घटनाग्रस्त वाहन को बाहर निकाला गया। ड्राइवर सहित दो लोग घायल हुए हैं, जिनका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है और वे खतरे से बाहर हैं।
इस पुल पर हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे इलाके के लोगों में भारी गुस्सा है। यह बरुआ पुल पर वाहन गिरने की तीसरी बड़ी घटना है। इससे पहले एक डॉक्टर की जान भी इसी पुल से गिरकर जा चुकी है, साथ ही एक बाइक सवार भी यहां अपनी जान गंवा चुका है। इन तमाम दुखद घटनाओं के बावजूद, प्रशासन ने पुल के किनारे सुरक्षा के लिए न तो रेलिंग लगाने की जहमत उठाई और न ही कोई दीवार बनाई। स्थानीय नागरिकों ने एमपीआरडीसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग टोल टैक्स तो नियमित रूप से वसूल रहा है, परंतु यात्रियों की जान की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है।
पुलिस ने फिलहाल दुर्घटनाग्रस्त एंबुलेंस को अपने कब्जे में ले लिया है। हादसे की असल वजह जानने के लिए ड्राइवर के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और वाहन की तकनीकी जांच भी कराई जाएगी। प्रशासन के आला अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के बाद आगे की विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी, लेकिन फिलहाल इस खतरनाक पुल की सुरक्षा को लेकर सवाल बने हुए हैं।













