नई दिल्ली, 23 जुलाई।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध समाप्त करने के प्रयास तेज हो गए हैं। पिछले चार दिनों से दोनों सदनों की कार्यवाही विपक्ष के विरोध और हंगामे के कारण प्रभावित रही है। ऐसे में केंद्र सरकार गतिरोध दूर करने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक बुला सकती है।
संसद में नीट पेपर लीक को लेकर विपक्ष लगातार विस्तृत चर्चा और जवाबदेही की मांग कर रहा है। इसी मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बनने से दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है।
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार इस विषय पर चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स से चर्चा की अवधि और नियमों पर सहमति बनाने की अपील की, ताकि सदन में सार्थक बहस हो सके।
सरकार का कहना है कि उसकी मंशा संसद में जारी गतिरोध समाप्त कर नीट पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा का मार्ग प्रशस्त करना है। वहीं विपक्ष इस मामले में व्यापक चर्चा और सरकार से जवाब मांगने की अपनी मांग पर कायम है।
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को दोनों सदनों की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के लिए सरकार विभिन्न दलों के बीच सहमति बनाने की दिशा में प्रयास कर सकती है।











