नोएडा, 24 जुलाई।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले पांच लोग साइबर ठगी का शिकार हो गए। अलग-अलग तरीकों से झांसा देकर आरोपितों ने उनसे करीब 53 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-26 निवासी रविंद्र कुमार अरोड़ा ने शिकायत दर्ज कराई कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते से ऑनलाइन पांच लाख रुपये निकाल लिए। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
एक अन्य मामले में सेक्टर-75 निवासी मोनिका ने पुलिस को बताया कि शेयर बाजार में निवेश के नाम पर कुछ लोगों ने पहले मुनाफा दिखाकर विश्वास जीता और बाद में उनसे 5.61 लाख रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने इस मामले में भी मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार, नितिन गोयल ने शिकायत में बताया कि उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से शेयर बाजार में निवेश के लिए प्रेरित किया गया। शुरुआती लाभ दिखाने के बाद उनसे 6.75 लाख रुपये निवेश करा लिए गए। जब उन्होंने अपनी रकम वापस लेने का प्रयास किया तो उन्हें ग्रुप से हटा दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क क्षेत्र निवासी अमित कुमार ने शिकायत दर्ज कराई कि कुछ लोगों ने स्वयं को कैंपा कोला की अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटरशिप उपलब्ध कराने वाला प्रतिनिधि बताकर उनसे संपर्क किया। कारोबार शुरू कराने और डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने का भरोसा देकर आरोपितों ने उनसे अलग-अलग किस्तों में करीब 16 लाख रुपये जमा करा लिए। राशि मिलने के बाद न तो डिस्ट्रीब्यूटरशिप दी गई और न ही कोई जवाब मिला।
एक अन्य मामले में सेक्टर-12 निवासी मानस रंजन ने बताया कि उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर ब्लॉक ट्रेडिंग और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर अकाउंट के माध्यम से अधिक मुनाफे का झांसा दिया गया। उन्होंने अगस्त 2025 के दौरान 19.90 लाख रुपये निवेश किए। बाद में उनके खाते में बड़ी राशि के शेयर आवंटित होने का दावा दिखाया गया, लेकिन रकम निकालने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद उन्हें साइबर ठगी का पता चला।
डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि सभी मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है और साइबर अपराधियों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।















