मुजफ्फरपुर, 27 जुलाई।
बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के बेटे कृष्ण मुरारी से कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर पचास लाख रुपये की भारी रंगदारी मांगने का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इस धमकी भरे प्रकरण के सामने आने के बाद से ही प्रशासनिक अमले और पीड़ित परिवार के बीच हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, मंत्री पुत्र के मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप के माध्यम से लगातार संदेश भेजने के साथ-साथ कॉल भी किए गए, जिसमें फोन करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का खासमखास गुर्गा बताया। मैसेज में साफ तौर पर अल्टीमेटम देते हुए तीन दिनों के भीतर पचास लाख की फिरौती देने की मांग की गई और रकम न चुकाए जाने पर पूरे परिवार को जान से मारने की गंभीर चेतावनी दी गई।
इस खतरनाक धमकी से सहमे कृष्ण मुरारी ने बिना देर किए स्थानीय सदर थाने में जाकर इसकी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस को दी गई अपनी लिखित तहरीर के साथ उन्होंने उन तमाम व्हाट्सएप मैसेज और कॉल्स के स्क्रीनशॉट भी साक्ष्य के तौर पर सौंप दिए, जिनके जरिए उन्हें निशाना बनाया गया था।
मामले की संवेदनशीलता को भांपते हुए पुलिस ने फौरन प्राथमिकी दर्ज कर ली और साइबर सेल की मदद से उस संदिग्ध मोबाइल नंबर, आईपी डिटेल और पैगाम भेजने वाले शातिर की तकनीकी सुरागकशी शुरू कर दी, ताकि गिरोह के असली चेहरों बेनकाब किया जा सके।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश मिश्रा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रंगदारी मांगने वाले मुख्य क्रिमिनल को धर दबोचा है, जिसके खिलाफ पटना और मुजफ्फरपुर जिलों में पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। सिटी एसपी की देखरेख में गठित विशेष एसआईटी को यह बड़ी कामयाबी मिली है और आरोपी से पूछताछ जारी है, जबकि यह भी गौर करने वाली बात है कि हालिया दिनों में शहर के भीतर इस गैंग के नाम पर रंगदारी मांगने की यह तीसरी बड़ी घटना है।
















