रीवा, 29 जुलाई।
मध्य प्रदेश के रीवा में बीती रात कांग्रेस के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष अमित कोल की अज्ञात हमलावरों ने निर्ममतापूर्वक चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी है। यह सनसनीखेज वारदात सिविल लाइन थाना क्षेत्र के शांति विहार इलाके में स्थित एचडीएफसी बैंक के समीप रात दस बजे के करीब अंजाम दी गई, जब दो मोटरसाइकिलों पर सवार तीन बदमाशों ने उन पर अचानक ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए। बुरी तरह जख्मी अमित को फौरन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
शुरुआती छानबीन के मुताबिक अमित घर से कुछ दूरी पर सिगरेट खरीदने निकले थे। जैसे ही वे दुकान के पास पहुंचे, घात लगाए बैठे हमलावरों ने बिना किसी पूर्व बहस के उन पर धावा बोल दिया। चश्मदीदों के अनुसार बदमाशों ने कई वार किए, जिससे वे सड़क पर ही खून से लथपथ होकर गिर पड़े।
भीड़ ने दौड़ाया तो बाइक छोड़कर भागे आरोपी
इस दुस्साहसिक वारदात के बाद मौके पर एकत्र हुए लोगों ने शोर मचाते हुए हमलावरों को दबोचने का प्रयास किया। अपने घिरने की आशंका भांपते हुए आरोपी अपनी दोनों मोटरसाइकिलें मौके पर ही छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर पैदल ही चंपत हो गए। पुलिस ने दोनों वाहन कब्जे में ले लिए हैं और उनके जरिए बदमाशों की सुरागकशी की जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरुकरण सिंह, दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सीएसपी, थाना प्रभारी समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। एफएसएल की टीम ने घटनास्थल का बारिकी से मुआयना कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए और पूरे इलाके की नाकाबंदी कर दी गई।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों पर जांच केंद्रित
घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए हमलावरों के आने-जाने के मार्ग को खंगाला जा रहा है। पुलिस बैंक और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कैमरों की रिकॉर्डिंग टटोल रही है। इसके अतिरिक्त मोबाइल लोकेशन, तकनीकी सबूतों तथा चश्मदीदों के बयानों को आधार बनाकर हत्यारों तक पहुंचने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
हर पहलू पर पड़ताल, कई दल गठित
पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के विरुद्ध हत्या का अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। तफ्तीश के दौरान पुरानी रंजिश, राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तथा व्यक्तिगत विवाद समेत तमाम संभावित बिंदुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। एसपी डॉ. गुरुकरण सिंह ने बताया कि अपराधियों की धरपकड़ के लिए पृथक-पृथक टीमों का गठन किया गया है और शीघ्र ही इस हत्याकांड से पर्दा उठा दिया जाएगा।
कांग्रेस और आदिवासी समाज में भारी उबाल
इस वीभत्स हत्या की खबर फैलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आदिवासी समुदाय में तीव्र आक्रोश व्याप्त हो गया। बड़ी संख्या में उनके समर्थक अस्पताल और घटनास्थल पर जमा हो गए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर के पोश इलाके में हुई इस वारदात ने सुरक्षा प्रबंधों की पोल खोलकर रख दी है।
पिता के सेवानिवृत्त होने से तीन दिन पहले उजड़ा घर
मृतक अमित कोल के पिता मध्य प्रदेश पुलिस में सेवारत हैं और वर्तमान में अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम थाने के प्रभारी के रूप में पदस्थ हैं। उनका आगामी 31 जुलाई को रिटायरमेंट होना तय था। सेवा-निवृत्ति से महज तीन दिन पूर्व बेटे की इस प्रकार हत्या की मनहूस खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में सक्रिय थे अमित
अमित कोल रीवा के तेज-तर्रार और लोकप्रिय नेताओं में शुमार किए जाते थे। वह कांग्रेस के एसटी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष होने के साथ-साथ वार्ड क्रमांक-4 से पार्षद का चुनाव भी लड़ चुके थे। सामाजिक सरोकारों और सांगठनिक गतिविधियों में उनकी सक्रियता के कारण क्षेत्र में उनकी गहरी पैठ थी।
फिलहाल पुलिस बरामद मोटरसाइकिलों, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, फोरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी इनपुट के आधार पर फरार हत्यारों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की शिनाख्त कर हत्या की असली वजह का पर्दाफाश किया जाएगा।

















