बगदाद, 29 जुलाई।
इराक में अमेरिका और सऊदी अरब की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (पीएमएफ) के कम से कम 20 लड़ाकों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। यह संगठन ईरान समर्थित माना जाता है। बताया गया है कि यह कार्रवाई पिछले 30 दिनों में सऊदी अरब की तेल सुविधाओं पर हुए ड्रोन हमलों के जवाब में की गई। अमेरिका ने यह भी दावा किया कि इस अभियान से पहले ईरान ने जॉर्डन स्थित उसके एक सैन्य अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं।
पीएमएफ ने अपने बयान में स्वीकार किया कि सात प्रांतों में उसके ठिकानों को निशाना बनाया गया। संगठन के अनुसार संयुक्त हमलों में कम से कम 20 लड़ाकों की मौत हुई है और 32 अन्य घायल हुए हैं। पीएमएफ का कहना है कि यह प्रारंभिक आंकड़ा है और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। पहले सामने आई जानकारी में उत्तरी निनवेह और दक्षिणी बसरा प्रांत के कई स्थानों पर आग लगने की भी बात कही गई थी। संगठन ने सुबह निनवेह में कम से कम आठ लोगों के मारे जाने की पुष्टि की थी।
पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज इराक का आधिकारिक सरकारी सुरक्षा बल है, जिसकी स्थापना 15 जून 2014 को ईरान समर्थित शिया मिलिशिया समूहों को मिलाकर की गई थी। यह इराकी प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्रालय के साथ समन्वय में कार्य करता है, हालांकि इसे ईरान के प्रभाव वाला संगठन माना जाता है। संगठन के मुताबिक हमलों में बगदाद, वासित, निनवेह, बसरा, किरकुक, कर्बला और दियाला प्रांतों में स्थित उसके ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिससे इमारतों, वाहनों और सैन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचा।
ईरान समर्थित हूती समूह ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे इराक की संप्रभुता पर हमला बताया। दूसरी ओर, खाड़ी सहयोग परिषद ने पहले सऊदी अरब पर ईरान समर्थित समूहों द्वारा किए गए हमलों की आलोचना दोहराई। परिषद के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी ने कहा कि इराक का ईरान समर्थक मिलिशिया लंबे समय से सऊदी अरब पर हमले कर रहा है और जीसीसी के सभी सदस्य देश सऊदी अरब के साथ खड़े हैं।

















