नई दिल्ली, 29 जुलाई।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह के विरुद्ध प्रसारित हो रही आपत्तिजनक ऑनलाइन सामग्री को हटाने का कड़ा निर्देश जारी किया है। न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने इस प्रकरण से जुड़े प्रतिवादियों को उनके सोशल मीडिया खातों के माध्यम से नोटिस प्रेषित करने का आदेश दिया है, तथा यह स्पष्ट किया है कि अदालतें सोशल मीडिया मंचों से यह अपेक्षा नहीं कर सकतीं कि वे स्वतः संज्ञान लेकर ऐसी सामग्री को हटा देंगे।
न्यायालय ने यह टिप्पणी की कि इस संवेदनशील विषय की गहन पड़ताल कर उचित आदेश पारित करने का अधिकार केवल न्यायपालिका के पास है। सुनवाई के दौरान युवराज सिंह के अधिकृत अधिहर्ता (वकील) ने न्यायालय को अवगत कराया कि आपत्तिजनक सामग्री से जुड़े दो यूआरएल हटाए जा चुके हैं, परंतु शेष कड़ियों के जरिए उनके मुवक्किल के नाम और व्यक्तित्व का बिना अनुमति के व्यावसायिक लाभ के लिए दुरुपयोग किया जा रहा है।
इससे पूर्व भी उच्च न्यायालय कई प्रतिष्ठित हस्तियों के व्यक्तित्व अधिकारों (पर्सनालिटी राइट्स) की हिफाजत के वास्ते महत्वपूर्ण निर्देश दे चुका है। इनमें क्रिकेटर अभिषेक शर्मा, सांसद रवि किशन, कांग्रेस नेता शशि थरूर, अभिनेता अर्जुन कपूर, अल्लू अर्जुन, कथावाचक अनिरुद्धाचार्य, मोहनलाल, पूर्व सांसद एवं क्रिकेटर गौतम गंभीर, आचार्य बालकृष्ण, सोनाक्षी सिन्हा, योगगुरु बाबा रामदेव, काजोल, विवेक ओबेरॉय, आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, सलमान खान, अजय देवगन, सांसद जया बच्चन, पत्रकार सुधीर चौधरी, श्री श्री रविशंकर, नागार्जुन, ऐश्वर्या राय, अभिषेक बच्चन तथा करण जौहर जैसी तमाम विभूतियां शामिल हैं।

















