काठमांडू, 29 जुलाई।
नेपाल के वीरगंज स्थित नारायणी अस्पताल में चिकित्सकों पर हुए हमले के विरोध में देशभर के अस्पतालों में आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी स्वास्थ्य सेवाएं बंद रहीं। इस दौरान काठमांडू में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने बड़े स्तर पर प्रदर्शन कर सुरक्षित कार्यस्थल की मांग उठाई।
नेपाल चिकित्सक संघ के नेतृत्व में चिकित्सक माइतीघर मंडला पर एकत्र हुए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने नारायणी अस्पताल के चिकित्सक प्रमोद राम के साथ हुई मारपीट और वार्ता के दौरान डॉक्टरों के साथ किए गए दुर्व्यवहार पर भी नाराजगी जताई।
मंगलवार से ही देशभर के अस्पतालों में आकस्मिक सेवाओं के अलावा बाकी सभी सेवाएं बंद रखी गई हैं। इसके चलते ओपीडी, नियमित स्वास्थ्य जांच और फॉलो-अप के लिए पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
घटना के विरोध में नारायणी अस्पताल के चिकित्सकों ने सामूहिक इस्तीफा भी सौंप दिया है। उनका कहना है कि डॉक्टरों पर हमला करने वाले व्यक्ति के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्होंने यह कदम उठाया है। अस्पताल में 25 जुलाई से सेवाएं पूरी तरह बंद हैं।
नेपाल चिकित्सक संघ के आह्वान पर बुधवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। डॉक्टरों का आरोप है कि अस्पताल में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हुए जानलेवा हमले तथा तोड़फोड़ के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सरकार प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं कर रही है।
संघ के अध्यक्ष डॉ. बद्री रिजाल ने कहा कि घटना के पांच दिन बीत जाने के बाद भी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि न्याय की मांग लेकर पहुंचे लोगों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया।

















