जयपुर, 1 अगस्त।
राजधानी जयपुर में छात्रसंघ चुनाव फिर से शुरू करने की मांग को लेकर छात्र नेता शुभम रेवाड़ का अनशन शनिवार को दसवें दिन भी लगातार जारी रहा। इस धरने के दौरान तबीयत अचानक खराब होने पर उन्हें सवाई मानसिंह अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अस्पताल के जानकारों के अनुसार उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद विशेषज्ञों की टीम उनका उपचार कर रही है।
शुभम रेवाड़ का यह अनशन अब बड़े छात्र आंदोलन का रूप ले चुका है। भारी तादाद में समर्थक और युवा अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल ले रहे हैं और सरकार से उनकी मांगों को मानने की गुहार लगा रहे हैं।
छात्र नेता ने कड़ा आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन विद्यार्थियों की वाजिब मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। उनका तर्क है कि पिछले तीन बरस से चुनाव न होने के कारण युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को दबाया जा रहा है। चुनाव केवल नुमाइंदा चुनने का जरिया नहीं बल्कि नेतृत्व की पाठशाला है।
उनकी मुख्य रूप से दो मांगें हैं, जिनमें पहली प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव फौरन बहाल करने और दूसरी राजस्थान विश्वविद्यालय में राजस्थानी भाषा का अलग विभाग खोलने की बात शामिल है ताकि मातृभाषा को बढ़ावा मिल सके।
स्वास्थ्य में गिरावट आने के बावजूद नेता अपने फैसले पर डटे हुए हैं। उन्होंने दो टूक कहा है कि जब तक सरकार लिखित आदेश जारी नहीं करती, आंदोलन खत्म नहीं होगा।
पुलिस ने स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें 30 जुलाई को अस्पताल पहुंचाया था, जहां उनका इलाज चल रहा है और डॉक्टर लगातार उनकी नब्ज टटोल रहे हैं।





















