मुंबई, 1 अगस्त।
सिनेमा जगत में 'जब वी मेट' और 'लव आज कल' जैसी बेहतरीन रोमांटिक फिल्में देकर निर्देशन की नई परिभाषा गढ़ने वाले मशहूर फिल्मकार इम्तियाज अली को बीते सत्रह बरसों से बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल करने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है।
वर्ष 2009 में आई 'लव आज कल' के पश्चात उनकी सिल्वर स्क्रीन पर आने वाली कोई भी मूवी व्यावसायिक रूप से ब्लॉकबस्टर साबित नहीं हो सकी। हालांकि 'रॉकस्टार' तथा 'हाईवे' जैसी कलाकृतियों को बाद के दौर में कल्ट क्लासिक का रुतबा और आलोचकों की वाहवाही जरूर मिली, मगर टिकट खिड़की पर उनका प्रदर्शन उम्मीदों के विपरीत ही रहा। इसके अलावा 'तमाशा', 'जब हैरी मेट सेजल' और वर्ष 2020 की 'लव आज कल' ने बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों को बेहद निराश किया।
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित हुई 'चमकिला' ने इम्तियाज अली को सुर्खियों में वापस ला खड़ा किया, परंतु सिनेमाघरों में उनकी वापसी के तौर पर देखी जा रही 'मैं वापस आऊंगा' भी उनकी किस्मत का सितारा बुलंद नहीं कर पाई। दिलजीत दोसांझ, वेदांग रैना और शरवरी वाघ जैसे कलाकारों से सजी इस फिल्म ने देश के भीतर लगभग साठ करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन बटोरा। शुरुआती दिनों में सुस्त रहने के बाद पिक्चर ने थोड़ी रफ्तार पकड़ी, लेकिन अंततः इसे औसत रिजल्ट से ही संतोष करना पड़ा, जिससे सिनेमा प्रेमियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
लगभग डेढ़ दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सिनेमाघरों में कोई बड़ी हिट न दे पाना एक दिग्गज निर्देशक के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। एक वक्त ऐसा था जब उनके प्रोजेक्ट मात्र से दर्शक थिएटर की तरफ खिंचे चले आते थे, मगर मौजूदा हालात बिल्कुल उलट हो चुके हैं। समीक्षकों की प्रशंसा मिलने के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर उनकी पकड़ कमजोर होती चली गई है। अब हर जुबां पर यही सवाल तैर रहा है कि क्या निर्देशक अपनी आगामी फिल्म के जरिए इस अकाल को समाप्त कर पाएंगे या उनका यह संघर्ष आगे भी बदस्तूर जारी रहेगा।




















