नई दिल्ली, 1 अगस्त।
दिल्ली के पश्चिमपुरी में फूड कार्ट संचालक पर धारदार हथियार से हुए जानलेवा हमले के मामले में करीब छह महीने से फरार चल रहे मुख्य आरोपित को क्राइम ब्रांच की एनडीआर यूनिट ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपित लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था।
गिरफ्तार आरोपित की पहचान धीरज उर्फ जूड़ी (24) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का निवासी है और फिलहाल दिल्ली के अमन विहार इलाके में किराये पर रह रहा था। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, लूट, चोरी और आर्म्स एक्ट सहित एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई पंजाबी बाग थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में की गई है। आरोपित को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(1)(सी) के तहत गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई क्राइम ब्रांच की टीम ने तय योजना के तहत अंजाम दी।
पुलिस के अनुसार यह घटना 30 जनवरी 2026 की रात पश्चिमपुरी इलाके में हुई थी। उस समय दीपक नामक युवक अपनी फूड कार्ट पर मौजूद था। इसी दौरान कई हमलावर वहां पहुंचे और धारदार हथियार से उस पर लगातार हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया और पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि वारदात में धीरज उर्फ जूड़ी अपने साथियों के साथ शामिल था। मामले में पहले ही रितिक उर्फ माया, अमित, करण, विशाल और बिरजू को गिरफ्तार किया जा चुका था। बाद में क्राइम ब्रांच ने इसी मामले में वांछित दो अन्य आरोपितों को भी पकड़ा, लेकिन धीरज लगातार फरार रहा।
फरार अपराधियों की तलाश के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि धीरज किराड़ी सुलेमान नगर स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में छिपा हुआ है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और पहचान की पुष्टि होने पर उसे बिना किसी अवसर दिए गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान बताई और मामले में शामिल होने की बात स्वीकार की।
पुलिस के अनुसार धीरज गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। उसकी तलाश में तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और लगातार निगरानी अभियान चलाया जा रहा था। पुख्ता सूचना मिलने के बाद उसे गिरफ्तार करने में सफलता मिली।
पूछताछ में पता चला कि धीरज अलीगढ़ का रहने वाला है और दसवीं तक पढ़ाई करने के बाद दिल्ली आकर दिहाड़ी मजदूरी करने लगा था। पुलिस का कहना है कि बाद में उसकी संगत अपराधियों से हुई और नशे की लत लगने के बाद वर्ष 2022 से वह आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो गया।
क्राइम ब्रांच के अनुसार धीरज के खिलाफ दिल्ली और एनसीआर के अलग-अलग थानों में 12 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या का प्रयास, लूट, चोरी, वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट और चोरी का सामान रखने जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।





















