नई दिल्ली, 1 अगस्त।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने वाहन चोरी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक वाहन चोर और चोरी की गाड़ियों को ठिकाने लगाने वाले एक रिसीवर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपितों के कब्जे से चार चोरी की कारें बरामद की हैं। इनमें दो वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगी मिलीं, जबकि एक कार के चेसिस और इंजन नंबर से छेड़छाड़ भी पाई गई।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मेरठ निवासी राशिद उर्फ काला और हरियाणा के कैथल निवासी विनय के रूप में हुई है। राशिद के खिलाफ दिल्ली में वाहन चोरी के 20 से अधिक मामले दर्ज हैं, वहीं विनय कबाड़ का कारोबार करता था और चोरी की गाड़ियों को काटकर उनके पुर्जे बेचने का काम करता था।
पुलिस को 15 जुलाई को सूचना मिली थी कि पश्चिम विहार ईस्ट थाना क्षेत्र से चोरी हुई एक कार कैथल में छिपाकर रखी गई है। सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से कैथल में छापेमारी की और एक गोदाम से विनय को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान विनय की निशानदेही पर दो कारें बरामद हुईं। इनमें मारुति बलेनो पश्चिम विहार ईस्ट क्षेत्र से चोरी की गई थी, जबकि टोयोटा इनोवा पर फर्जी नंबर प्लेट लगी मिली। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि इनोवा का पंजीकरण फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कराया गया था। पुलिस इस मामले की आगे जांच कर रही है।
इसके बाद 17 जुलाई को पुलिस ने मेरठ से राशिद उर्फ काला को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर दो किआ सेल्टोस कारें बरामद की गईं। इनमें एक कार भारत नगर थाना क्षेत्र से अक्टूबर 2025 में चोरी हुई थी, जबकि दूसरी पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। जांच में उसके चेसिस और इंजन नंबर से छेड़छाड़ मिलने के बाद वाहन के वास्तविक मालिक का पता लगाया जा रहा है।
पूछताछ में राशिद ने बताया कि वह लंबे समय से वाहन चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है। उसने पहले इशरार नामक व्यक्ति से कार चोरी के तरीके सीखे और बाद में मोहसिन के संपर्क में आया, जो चोरी की गाड़ियों को अलग-अलग लोगों तक पहुंचाता था।
पुलिस के अनुसार राशिद इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट और अत्याधुनिक प्रोग्रामिंग डिवाइस की मदद से कारों की सुरक्षा प्रणाली को बाईपास कर मौके पर ही डुप्लीकेट चाबी तैयार कर लेता था। इसके बाद कुछ ही मिनटों में वाहन लेकर फरार हो जाता था। चोरी की गाड़ियां बाद में मोहसिन के माध्यम से विनय जैसे रिसीवरों तक पहुंचाई जाती थीं।
वहीं विनय ने पूछताछ में बताया कि वह कबाड़ का कारोबार करता है और उसके पास आने वाली चोरी की कारों को काटकर उनके स्पेयर पार्ट्स अलग-अलग ग्राहकों को बेच देता था। पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क के जरिए बड़ी संख्या में चोरी की गाड़ियों को ठिकाने लगाया गया है।





















