ग्लासगो, 1 अगस्त।
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान मध्यप्रदेश की प्रतिभावान जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य ने महिलाओं की 57 किलोग्राम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम कर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है।
फाइनल मुकाबले में यामिनी का सामना इंग्लैंड की अनुभवी एथलीट एसिल्या टॉपराक से हुआ, जहाँ दोनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। यह रोमांचक मुकाबला अतिरिक्त समय यानी 'गोल्डन स्कोर' तक खिंचा, जिसमें अत्यंत करीबी अंतर से हार के बाद उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
सागर जिले की मूल निवासी यामिनी ने मात्र नौ वर्ष की आयु में इस खेल की शुरुआत की थी, जिसके लिए उन्हें शुरुआती दौर में कड़े सामाजिक विरोध और तानों का भी सामना करना पड़ा था। उनके खेल सफर में कई शारीरिक बाधाएं आईं, जिनमें वर्ष 2017 में एक घुटना टूटना और कुछ महीने पहले दूसरे घुटने की सर्जरी शामिल है, लेकिन उन्होंने अपने अदम्य साहस से मैट पर वापसी की।
उनकी इस ऐतिहासिक सफलता से गौरवान्वित होकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और खेल विभाग ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। खेल के मैदान पर उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा उन्हें पहले ही प्रतिष्ठित एकलव्य पुरस्कार और विक्रम पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।





















