बलरामपुर, 1 अगस्त।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मवेशी तस्करी के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपित को सामरीपाठ पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस के अनुसार आरोपित की तलाश लगातार की जा रही थी और गिरफ्तारी के दबाव के बीच उसने 30 जुलाई को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।
मामला 4 जून का है, जब ग्राम जोगीबांध निवासी एक शिकायतकर्ता ने सामरीपाठ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि डुमरपाठ क्षेत्र के बरगद पेड़ के पास तीन लोग गाय, बैल और बछड़े सहित कुल नौ कृषक पशुओं को कथित रूप से मारते-पीटते हुए झारखंड की ओर ले जा रहे थे।
ग्रामीणों ने घटना देख तत्काल अन्य लोगों को सूचना दी और मौके पर पहुंचकर दो लोगों को पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अपनी पहचान संजय सोनवानी और संजय कोरवा के रूप में बताई। दोनों ने पूछताछ के दौरान मवेशियों को झारखंड ले जाने की बात स्वीकार की और मुख्य आरोपित के रूप में सद्दाम हुसैन का नाम सामने आया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने सद्दाम हुसैन, संजय सोनवानी और संजय कोरवा के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद 5 जून को संजय सोनवानी और संजय कोरवा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया था।
पुलिस के अनुसार घटना के बाद से सद्दाम हुसैन फरार चल रहा था। लगातार कार्रवाई और दबाव के बीच उसने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। इसके बाद सामरीपाठ पुलिस ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
पुलिस ने बताया कि मामले में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6 और 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(क) के तहत कार्रवाई की गई है।




















