कोलकाता, 1 अगस्त।
पश्चिम बंगाल के बारुईपुर के सूर्यपुर इलाके में पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक दुष्कर्म और हत्या के आरोपी की मौत के मामले में जांच एजेंसी बदलने की मांग को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट में एक नई जनहित याचिका दायर कर दी गई है। यह याचिका प्रमुख मानवाधिकार कार्यकर्ता सुजात भद्र की ओर से दाखिल की गई है।
यह पूरा मामला बारुईपुर में एक नाबालिग से हुए सामूहिक दुष्कर्म तथा हत्या के मुख्य आरोपी प्रभास मंडल की पुलिस मुठभेड़ में हुई संदिग्ग्ध मौत से जुड़ा हुआ है। पुलिस का तर्क है कि घटना के पुनर्निर्माण के दौरान आरोपी ने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने का प्रयास किया, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस को गोली चलानी पड़ी। वर्तमान में इस प्रकरण की जांच राज्य पुलिस की सीआईडी द्वारा की जा रही है।
याचिकाकर्ता की तरफ से अदालत में यह पक्ष रखा गया कि जिस पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवालों के घेरे में घटना हुई है, उसी के द्वारा निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। इसलिए न्याय हित में मामले की जांच किसी निष्पक्ष और स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जानी चाहिए। इस प्रकरण में अब तक कुल चार जनहित याचिकाएं कोर्ट में आ चुकी हैं, जिन पर न्यायालय द्वारा संयुक्त रूप से सुनवाई की जा रही है। अदालत ने पहले ही राज्य सरकार से इस विषय पर विस्तृत रिपोर्ट तलब कर रखी है तथा अगली तारीख अठारह अगस्त मुकर्रर की गई है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि इस तरह की घटना की निष्पक्ष पड़ताल किसी अन्य दल से ही कराई जानी चाहिए। दूसरी ओर अदालत ने यह स्पष्ट किया कि सरकार का पक्ष जानना बेहद जरूरी है। न्यायालय ने यह भी तीखे सवाल किए कि आखिर रात के वक्त घटनास्थल का पुनर्निर्माण क्यों किया गया और क्या इसकी पूरी वीडियोग्राफी कराई गई थी। राज्य सरकार ने अदालत में कार्रवाई को सही ठहराया है और अन्य तीन आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में बंद हैं।





















