वाराणसी, 1 अगस्त।
मोक्षदायिनी वाराणसी की पावन धरा पर सावन महीने के तीसरे रोज यानी शनिवार के दिन ऐतिहासिक दशाश्वमेध घाट पर अगाध आस्था और राष्ट्रप्रेम का अद्भुत नजारा देखने को मिला। अपने कंधों पर कांवर संभाले और हाथों में आनबान-शान वाला तिरंगा लहराते हुए शिवभक्तों ने नमामी गंगे के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर गंगा की निर्मलता और जल संरक्षण का अनूठा संदेश प्रसारित किया। इस दौरान पूरा तट क्षेत्र बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारों के साथ-साथ भारत माता की जय के गगनभेदी नारों से गूंज उठा।
सावन के पवित्र माहौल में गेरुआ वस्त्रों में रंगे और कांधे पर पवित्र जल से भरी कांवड़ उठाए हुए भक्तों का जोश देखकर वहां मौजूद आम श्रद्धालु भी पूरी ऊर्जा के साथ हर-हर महादेव का उद्घोष करने लगे। गंगा सेवक राजेश शुक्ला के विशेष आह्वान पर तमाम लोगों ने घाट के किनारे खड़े होकर स्वच्छता बनाए रखने की कसम खाई।
गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने इस मौके पर चर्चा करते हुए कहा कि इन कांवड़ियों द्वारा तिरंगा थामकर जल संरक्षण का संदेश देना समाज के लिए एक प्रेरणास्पद कदम है। कांवड़ यात्रा के पावन पर्व पर पर्यावरण संरक्षण और देश के प्रति अगाध प्रेम की ऐसी मिसाल पेश करके समाज में जल संचय की भावना को और अधिक मजबूत करना हम सबका सबसे बड़ा कर्तव्य है। इस प्रेरक कार्यक्रम के दौरान अभिनव सिंह और नकुल पांडेय समेत कई शिवभक्तों ने आम जनता को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई।





















