Naidunia Live
• टॉप न्यूज़ • मध्य प्रदेश • विज्ञान व प्रौद्योगिकी • अपराध • शिक्षा • संपादकीय • धर्म / अध्यात्म • वीडियो स्टोरी • मौसम • त्योहार • प्रेरक कहानियाँ
• वीडियो • न्यूज़ आर्काइव

अंतरराष्ट्रीय संबंध
03 Aug, 2026

थाईलैंड में खुलेगा केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय का विदेशी अध्ययन केंद्र

भारत और थाईलैंड के बीच हुए समझौते के तहत सिल्पकॉर्न विश्वविद्यालय में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय का विदेशी अध्ययन केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिससे संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा के वैश्विक प्रसार को नई गति मिलेगी।

बैंकॉक, 03 अगस्त।

भारत और थाईलैंड के बीच शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से सोमवार को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय और थाईलैंड के सिल्पकॉर्न विश्वविद्यालय के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत दोनों देशों के बीच शिक्षा, संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा के क्षेत्र में सहयोग को और विस्तार मिलेगा।

समझौते के अवसर पर थाईलैंड में भारत के राजदूत पुनीत अग्रवाल ने दोनों विश्वविद्यालयों को बधाई देते हुए इसे साझा शैक्षणिक और सांस्कृतिक हितों को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी, सिल्पकॉर्न विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रो. डॉ. तनासैत ङावहिरुनपत, पद्मश्री डॉ. चिरापत प्रपंडविद्या, प्रो. मधुकेश्वर भट्ट सहित दोनों देशों के शिक्षाविद और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

समझौते के अनुसार सिल्पकॉर्न विश्वविद्यालय में संचालित संस्कृत अध्ययन केंद्र को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के विदेशी अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस केंद्र की स्थापना पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के कार्यकाल में हुई थी। नई पहल के माध्यम से विदेशों में संस्कृत, भारतीय संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रचार-प्रसार को संस्थागत आधार मिलेगा।

बैठक में थाईलैंड स्थित भारतीय दूतावास ने दोनों विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग को संस्थागत समर्थन देने का भरोसा दिया। इसके तहत संकाय और छात्र विनिमय, छात्रवृत्ति, संस्कृत विकास योजनाओं के अंतर्गत पुस्तक सहायता तथा भारत अध्ययन एवं संस्कृत संसाधन केंद्र की स्थापना में सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने कहा कि यह समझौता केवल दो शिक्षण संस्थानों के बीच साझेदारी नहीं, बल्कि भारत और थाईलैंड के बीच ज्ञान, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत को जोड़ने वाला मजबूत सेतु है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र दक्षिण-पूर्व एशिया में संस्कृत, पालि और भारतीय ज्ञान परंपरा के विस्तार का महत्वपूर्ण आधार बनेगा।

समझौते के अंतर्गत दोनों विश्वविद्यालयों के बीच संकाय एवं छात्र विनिमय, संयुक्त शिक्षण और शोध, संयुक्त उपाधि कार्यक्रम, संस्कृत, पालि, हिन्दी और भारतीय ज्ञान प्रणाली पर आधारित ऑनलाइन पाठ्यक्रम विकसित किए जाएंगे। साथ ही रामायण अध्ययन, बौद्ध अध्ययन, संस्कृत अभिलेख विज्ञान, योग, वास्तुशास्त्र, ज्योतिष, ब्राह्मी लिपि और भारतीय दर्शन जैसे विषयों पर संयुक्त शोध एवं प्रकाशन को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

इसके अलावा संस्कृत, पालि और प्राकृत पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण, ई-संसाधनों के विकास तथा आधुनिक डिजिटल संस्कृत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने की दिशा में भी दोनों संस्थान मिलकर कार्य करेंगे।

|
आज का राशिफल

लेन-देन में स्पष्टता बनाये रखें। घर के सदस्य मदद करेंगे और साथ ही आर्थिक बदहाली से भी मुक्ति मिलने लगेगी। कोई प्रिय वस्तु या नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंगे। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। नौकरी में पदोन्नति की संभावना है। राजकीय कार्यों से लाभ। बिगड़ा कार्य बनेगा। शुभांक-3-6-8

आज का मौसम

भोपाल

25° / 31°

Scattered thunderstorms

ट्रेंडिंग न्यूज़