भोपाल, 5 अगस्त।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसान हितैषी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ लागू करते हुए किसानों के खेतों से लेकर उनके खातों तक हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई, बिजली, खाद-बीज, कृषि यंत्रों के साथ फसल बीमा, सम्मान निधि और ब्याज मुक्त ऋण जैसी सुविधाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय से वर्चुअल माध्यम से नर्मदापुरम में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि हाल ही में राज्य मंत्रिमंडल ने कवच योजना को मंजूरी दी है। इस योजना से ऐसे किसानों को राहत मिलेगी, जिन्हें सहकारी खातों से जुड़ी पुरानी विसंगतियों या जांच लंबित होने के कारण ऋण और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। उन्होंने कहा कि ऐसे किसानों को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें नई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने सरसों और धान को भी भावांतर योजना में शामिल करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही पात्र किसानों के लिए मूंग उपार्जन की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रीअन्न कोदो-कुटकी की पहली बार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की गई और किसानों को बोनस का लाभ भी दिया गया।
मुख्यमंत्री ने किसानों से फसल विविधीकरण अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि पशुपालन, मत्स्य पालन और दुग्ध उत्पादन आय बढ़ाने के प्रभावी साधन हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए दुग्ध समितियों का गठन कर रही है और इन क्षेत्रों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अब किसानों के खातों के निपटान की व्यवस्था छह माह के बजाय एक वर्ष के लिए लागू की गई है। साथ ही 31 मार्च तक भुगतान की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है, जिससे किसान अपनी सुविधा के अनुसार राशि जमा कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक खेती, प्राकृतिक खेती, सिंचाई सुविधाओं और कृषि यंत्रों के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दे रही है। नर्मदापुरम में आम, अमरूद, संतरा, अनार, नींबू और केले जैसी उद्यानिकी फसलों की व्यापक संभावनाएं हैं। किसानों को बाग, नर्सरी, पॉलीहाउस और शेडनेट हाउस स्थापित करने के लिए अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने पर 50 प्रतिशत सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदापुरम अपनी रेशम नगरी की पहचान के साथ उच्च गुणवत्ता वाले रेशम, शरबती गेहूं और बासमती चावल के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है और कृषि वर्ष के दौरान इस दिशा में गतिविधियां निरंतर जारी रहेंगी।














