भोपाल, 5 अगस्त।
मध्य प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) अब डिजिटल युग में प्रवेश करने जा रही है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को जल्द ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) यानी डिजिटल रुपये के माध्यम से राशन उपलब्ध कराया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी पायलट परियोजना की शुरुआत भोपाल और इंदौर से होगी।
प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि भारत सरकार ने इस परियोजना के लिए भोपाल और इंदौर का चयन किया है। लक्ष्य है कि दिसंबर 2026 तक दोनों शहरों की सभी उचित मूल्य दुकानों पर नई डिजिटल व्यवस्था लागू कर दी जाए।
नई प्रणाली के तहत पात्र हितग्राहियों को उनकी मासिक खाद्यान्न पात्रता के अनुरूप सीबीडीसी डिजिटल टोकन सीधे उनके डिजिटल वॉलेट में भेजे जाएंगे। राशन लेने के लिए हितग्राही को मोबाइल ऐप के जरिए उचित मूल्य दुकान पर उपलब्ध क्यूआर कोड स्कैन करना होगा। सत्यापन के बाद पात्रता अनुसार गेहूं, चावल और अन्य खाद्यान्न उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
मंत्री राजपूत ने कहा कि यह व्यवस्था राशन वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह कैशलेस, पेपरलेस और पारदर्शी बनाएगी। साथ ही खाद्यान्न वितरण में होने वाले लीकेज और सब्सिडी के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी। डिजिटल रुपया केवल राशन प्राप्त करने के लिए उपयोग किया जा सकेगा, जिससे सरकारी सहायता का उपयोग अन्य उद्देश्यों के लिए नहीं हो पाएगा।
योजना के तहत सबसे पहले लाभार्थियों के आधार, राशन कार्ड, मोबाइल नंबर और ई-केवाईसी का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद हितग्राहियों को पीएनबी डिजिटल रुपया मोबाइल ऐप से जोड़ा जाएगा। वहीं, सभी उचित मूल्य दुकानों को क्यूआर आधारित सीबीडीसी भुगतान प्रणाली से जोड़ने के साथ दुकानदारों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
खाद्य मंत्री ने बताया कि इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार, मध्य प्रदेश खाद्य विभाग, पंजाब नेशनल बैंक, एनआईसी और अन्य तकनीकी एजेंसियों के सहयोग से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। यदि यह पायलट सफल रहता है, तो भविष्य में पूरे प्रदेश और अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं में भी डिजिटल रुपये के उपयोग का मार्ग प्रशस्त होगा।














