अनूपपुर, 5 अगस्त।
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कदमटोला स्थित शासकीय प्राथमिक शाला पाठटोला में बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जर्जर भवन, पेयजल संकट और शिक्षकों की कमी से स्कूल संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से शीघ्र आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय भवन की छत से लगातार प्लास्टर झड़ रहा है और कई स्थानों पर सरिया बाहर आ चुका है। स्कूल में अध्ययनरत 11 विद्यार्थी प्रतिदिन असुरक्षित माहौल में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विद्यालय का मुख्य सुरक्षा गेट भी जर्जर हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते भवन की मरम्मत या नए भवन का निर्माण नहीं कराया गया तो दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
विद्यालय परिसर में लगा हैंडपंप लंबे समय से खराब है। इसके कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों को पीने का पानी लाने के लिए करीब 200 मीटर दूर स्थित निजी हैंडपंप या कुएं पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इससे पढ़ाई का समय भी प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी के कारण भी शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उनके अनुसार, विद्यालय में पदस्थ एक शिक्षिका का नाम यहां दर्ज है, लेकिन उनकी ड्यूटी दूसरे स्थान पर होने से कई बार केवल एक शिक्षक के भरोसे स्कूल का संचालन करना पड़ता है। विभागीय कार्यों या बैठकों के दौरान बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।
ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से नए विद्यालय भवन के निर्माण, खराब हैंडपंप की मरम्मत और पर्याप्त शिक्षकों की नियमित तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
विद्यालय के सहायक अध्यापक राम किशोर गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में कई बार विभागीय अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं, सर्व शिक्षा अभियान के जिला प्रमुख संजय कुमार मिश्रा ने कहा कि मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।














