लखीमपुर खीरी, 5 अगस्त।
लखीमपुर खीरी में जून और जुलाई 2026 के दौरान विभिन्न न्यायालयों ने 55 आपराधिक मामलों में 89 दोषियों को कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। पुलिस का कहना है कि प्रभावी कानूनी पैरवी, गुणवत्तापूर्ण विवेचना और मॉनिटरिंग सेल के समन्वय के कारण गंभीर मामलों में शीघ्र सजा सुनिश्चित करने में सफलता मिली है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग ने बताया कि पुलिस और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते न्यायालयों ने दो माह के दौरान विभिन्न मामलों में 89 अभियुक्तों को दोषी ठहराया। इनमें हत्या के सात मामलों में 14 अभियुक्त, दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम के चार मामलों में छह अभियुक्त, दहेज हत्या एवं गैर-इरादतन हत्या के पांच मामलों में छह अभियुक्त, आर्म्स एक्ट के 12 मामलों में 12 अभियुक्त, एनडीपीएस अधिनियम के तीन मामलों में तीन अभियुक्त तथा लूट, जानलेवा हमला और चोरी सहित अन्य 24 मामलों में 48 अभियुक्तों को सजा सुनाई गई।
प्रमुख मामलों में पलिया थाना क्षेत्र के हत्या प्रकरण में पांच दोषियों को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 38 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। वहीं पसगवां थाना क्षेत्र के हत्या मामले में दो दोषियों को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
इसके अलावा मोहम्मदी थाना क्षेत्र में पति की हत्या के मामले में एक महिला दोषी को सश्रम आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। कोतवाली सदर क्षेत्र के हत्या प्रकरण में दो दोषियों को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 26 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया गया।
दहेज हत्या और गैर-इरादतन हत्या से जुड़े मामले में कोतवाली सदर के दो दोषियों को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा मिली। वहीं ईसानगर थाना क्षेत्र के जानलेवा हमले के मामले में छह दोषियों को 10-10 वर्ष के कारावास के साथ प्रत्येक पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ प्रभावी विवेचना और मजबूत पैरवी के जरिए आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रखी जाएगी।














