मेदिनीपुर, 05 अगस्त।
पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर अंचल में स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था पर पैनी नजर रखते हुए नंदीग्राम स्वास्थ्य जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी असित कुमार देवेल द्वारा कुल अट्ठाईस डायग्नोस्टिक केंद्रों को बंद किए जाने का कड़ा नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों द्वारा की गई गहन छानबीन के दौरान इन तमाम संस्थानों के पास जरूरी और वैध कागजात नहीं होने का गंभीर मामला उजागार हुआ है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक कुछ ही दिन पूर्व राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी ने अपने चार दिवसीय दौरे के क्रम में पूर्व मेदिनीपुर तथा नंदीग्राम के विभिन्न चिकित्सालयों का औचक निरीक्षण किया था। उस दौरान उन्होंने कई जगहों पर व्यवस्थाओं की तारीफ की, तो वहीं कुछ स्थानों पर पाई गई कमियों को लेकर सख्त नाराजगी भी जाहिर की थी।
मंत्री महोदय के दौरे के तुरंत बाद नंदीग्राम स्वास्थ्य जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. असित कुमार देवान ने मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि कुछ महीने पहले भी क्षेत्र के पैथोलॉजी और जांच केंद्रों की जांच की गई थी। उस वक्त भी अवैध रूप से चल रहे संस्थानों को बंद करने की हिदायत दी गई थी, मगर इसके बावजूद कई केंद्र बिना किसी वैध अनुमति के धड़ल्ले से संचालित हो रहे थे।
उन्होंने आगे बताया कि अभी हाल ही में की गई कार्रवाई के दौरान अट्ठाईस ऐसे डायग्नोस्टिक केंद्र पकड़े गए हैं जिनके पास कोई पुख्ता और वैध दस्तावेज मौजूद नहीं हैं। इन सभी संस्थानों को फिलहाल तुरंत प्रभाव से बंद करने का फरमान सुनाया गया है और संबंधित संचालक तभी अपना कारोबार दोबारा शुरू कर पाएंगे जब वे विभाग के समक्ष वैध दस्तावेज पेश कर दें।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से यह बात पूरी तरह साफ कर दी गई है कि किसी भी सूरत में बिना अनुमति के चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पूरे मामले को लेकर नियमों के मुताबिक आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी सख्ती के साथ अमल में लाई जा रही है।












