इस्लामाबाद, 05 अगस्त।
पाकिस्तान ने विदेशी मीडिया की गतिविधियों पर निगरानी और नियंत्रण बढ़ाने के उद्देश्य से नए विदेशी मीडिया दिशा-निर्देश लागू किए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब अधिकांश क्षेत्रों में रिपोर्टिंग करने से पहले विदेशी पत्रकारों को सरकार से पूर्व अनुमति लेनी होगी।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में विरोध प्रदर्शनों और कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगरानी में है। मानवाधिकार और प्रेस स्वतंत्रता से जुड़े कई संगठनों ने पत्रकारों पर प्रतिबंध, इंटरनेट बंद किए जाने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग को लेकर चिंता जताई है। हाल ही में पीओजेके की घटनाओं की कवरेज को लेकर कई समाचार माध्यमों पर भी प्रतिबंध लगाया गया था।
वर्ष 2026 के विदेशी मीडिया सुविधा दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब स्वतंत्र विदेशी रिपोर्टिंग के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक्सटर्नल पब्लिसिटी विंग से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा। पहले विदेशी संवाददाताओं को आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग मामलों में अनुमति लेनी होती थी, लेकिन नई व्यवस्था ने इन प्रावधानों को औपचारिक रूप देते हुए सरकारी निगरानी का दायरा और बढ़ा दिया है।
नए नियमों के अनुसार विदेशी पत्रकार केवल इस्लामाबाद, लाहौर और कराची में बिना अतिरिक्त अनुमति के काम कर सकेंगे। इन शहरों के बाहर समाचार रिपोर्ट, वृत्तचित्र, वीडियो या सामाजिक मीडिया सामग्री तैयार करने के लिए पहले से सरकारी मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।
इस बीच, एमनेस्टी इंटरनेशनल और कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने पाकिस्तान से प्रेस की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है।











