इस्लामाबाद, 14 सितंबर।
पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को वर्ष 2026 की मोस्ट वांटेड हाई-प्रोफाइल आतंकवादियों की रेड बुक में भगोड़े के तौर पर शामिल किया है। एजेंसी की वेबसाइट पर भी 2026 की रेड बुक का उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, मसूद अजहर की गिरफ्तारी या उसके बारे में विश्वसनीय सूचना देने पर इनाम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दिया गया है। इससे पहले उसके ऊपर 50 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम घोषित था। इस तरह इनाम में 20 लाख रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
पाकिस्तान की काउंटर टेररिज्म विंग हाई-प्रोफाइल आतंकवादियों की रेड बुक तैयार करती है। एजेंसी के अनुसार, यह शाखा आतंकवाद और आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े मामलों की जांच के साथ मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की सूची तैयार करने का काम करती है।
मसूद अजहर पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख है। उसका नाम रेड बुक में ऐसे समय शामिल किया गया है, जब वित्तीय कार्रवाई कार्यबल की अक्टूबर 2026 की बैठक 26 से 30 अक्टूबर के बीच पेरिस में प्रस्तावित है।
हालांकि, पाकिस्तान को दोबारा वित्तीय कार्रवाई कार्यबल की ग्रे लिस्ट में शामिल किए जाने को लेकर अभी कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है। इसलिए मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाने के कदम को सीधे संगठन के दबाव से जोड़ना उचित नहीं होगा।
इनाम बढ़ाए जाने से पाकिस्तान के उस पुराने दावे पर भी सवाल उठ रहे हैं कि मसूद अजहर देश में मौजूद नहीं है। पाकिस्तान लंबे समय से उसके अफगानिस्तान चले जाने की बात कहता रहा है, लेकिन उसकी जांच एजेंसी के मौजूदा रिकॉर्ड में नाम अब भी मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की सूची में दर्ज है।
















