हेलसिंकी, 14 सितंबर।
फिनलैंड ने फ्रांस की फॉरवर्ड न्यूक्लियर डिटरेंस इनिशिएटिव में शामिल होने का फैसला किया है। इस पहल का उद्देश्य यूरोपीय साझेदार देशों के साथ सहयोग बढ़ाकर फ्रांस की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता की पहुंच और यूरोप की सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करना है।
फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने कहा कि पहल का मुख्य लक्ष्य यूरोप की सुरक्षा को मजबूत करना है। उनके अनुसार, इससे यूरोपीय देशों को अपनी रक्षा की अधिक जिम्मेदारी लेने और संभावित सैन्य तनाव को रोकने में मदद मिलेगी।
फ्रांस ने इस पहल की घोषणा मार्च में की थी। यह फैसला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका की यूरोप की सुरक्षा प्रतिबद्धता को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंताएं और यूक्रेन युद्ध के व्यापक सुरक्षा प्रभाव चर्चा में हैं।
व्यवस्था के तहत परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का अंतिम फैसला फ्रांस के राष्ट्रपति के पास ही रहेगा। हालांकि, इसमें सहयोगी देशों के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास, परमाणु क्षमता वाले संसाधनों की सीमित अवधि की संभावित तैनाती और रणनीतिक मुद्दों पर व्यापक चर्चा का प्रावधान है।
फिनलैंड के रक्षा मंत्री एंट्टी हक्कानेन ने इसे यूरोपीय रक्षा सहयोग की दिशा में स्वाभाविक कदम बताया। उन्होंने कहा कि नॉर्वे, स्वीडन और डेनमार्क जैसे अन्य देश भी वर्ष की शुरुआत में इस पहल से जुड़ चुके हैं।















